राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने अमृतसर दौरे के दौरान मानवाधिकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज मामले में आयोग ने पंजाब के डीजीपी और मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर नौ बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। जरूरत पड़ने पर आयोग की टीम स्वयं भी बरनाला का दौरा करेगी। पत्रकारों से बातचीत में कानूनगो ने बताया कि उन्होंने मक्कबूलपुरा क्षेत्र का दौरा कर उन महिलाओं से मुलाकात की, जिन्होंने नशे की वजह से अपने पति या बच्चों को खो दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई परिवार आज भी बेहद कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं और चिंता की बात यह है कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब तक इन तक नहीं पहुंच पाया है। कई परिवारों को यह भी जानकारी नहीं है कि उनके अनाथ बच्चे केंद्र और राज्य सरकार की किन-किन योजनाओं के पात्र हैं। उन्होंने सरकार से ऐसे परिवारों का डेटाबेस तैयार कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की मांग की। कानूनगो ने बताया कि समीक्षा बैठक में अमृतसर नगर निगम के वार्ड नंबर 1 और 2 में पेयजल आपूर्ति बाधित होने का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पॉक्सो (POCSO) मामलों की जानकारी बाल कल्याण समिति तक समय पर नहीं पहुंच रही, जिससे पीड़ित बच्चों के पुनर्वास की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इसे उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि समीक्षा बैठक में संबंधित सक्षम अधिकारियों की अनुपस्थिति लापरवाही को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि वह डंपिंग साइट का भी निरीक्षण करेंगे, ताकि कूड़ा प्रबंधन में लगे कर्मचारियों के मानवाधिकारों और प्रदूषण के प्रभाव का आकलन किया जा सके।