छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी करीब 60 किलोमीटर लंबी है। यहां तापमान भी 40-45 डिग्री से ज्यादा ही रहता है। जवानों को हर कदम पर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के जोखिम का सामना करना था। पत्थर, पत्तों और नीचे पड़ी टहनियों पर गलत पांव पड़ते ही न जाने कब विस्फोट हो जाए, कोई नहीं जानता था। लेकिन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की घोषणा की है, इसलिए देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'CRPF' और इसकी विशेष इकाई 'कोबरा', जिसे जंगल वॉरफेयर में खासी महारत हासिल है, सभी तरह के खतरों के बीच नक्सलियों के ठिकानों की तरफ बढ़ चली।