बसंत पंचमी पर्व पर भोजशाला में शुक्रवार से पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। सुबह 7 बजे से ही परिसर में पूजा और आराधना के स्वर गूंजने लगे और हवन कुंड में पहली आहुति दी गई। बसंत उत्सव को लेकर भोजशाला परिसर को केसरिया पताकाओं से सजाया गया है। गर्भगृह सहित पूरे परिसर में साढ़े पांच क्विंटल फूलों से विशेष सजावट की गई है। हवन कुंड के आसपास केले के पत्ते लगाए गए हैं।