सीएजी रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार को 2021-22 की आबकारी नीति से 2002.68 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। इसकी वजह नीतिगत कमजोरी के साथ नियमों का उल्लंघन और खराब क्रियान्वयन रहा है। वहीं, शराब लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में भी नियमों को तोड़ा गया। इतना ही नहीं, तत्कालीन दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री और आबकारी मंत्री मनीष सिसोदिया ने नीति तैयार करने के लिए बनी विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को भी नजरअंदाज किया।