उत्तर प्रदेश में मैदान के महारथियों में अगर योगी आदित्यनाथ के बाद किसी का नाम लिया जा रहा है तो वह है अखिलेश यादव,ज्यादातर इलाकों में लोग यह मान रहे हैं कि यह सीधा मुकाबला योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच है। अखिलेश यादव को माना जाता है की झंझटों से निकलकर रास्ता निकालना अब वह बखूबी जान चुके हैं। 2017 में सत्ता गंवाने के बाद वह अब परिपक्वता के साथ यह चुनाव लड़ रहे हैं। रणनीति बनाने संगठन तैयार करने दूसरे दलों से गठबंधन करने जैसे तमाम बड़े मुद्दे अब उन्होंने खुद ही उठा लिए हैं। उनके सियासी सफर पर नजर डालें तो साल 2000 में तेरहवीं लोकसभा के लिए कन्नौज से उपचुनाव अखिलेश यादव ने लड़ा था। इसके बाद दोबारा इसी सीट से 2004 में लोकसभा का चुनाव लड़े और सांसद बने। 2009 में तीसरी बार सांसद चुने गए और साल 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।