फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ADGP Y. Puran Kumar Case: आईजी वाई पूरन कुमार ने पहले से ही बना लिया था प्लान

वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Updated Wed, 08 Oct 2025 04:37 PM IST

पंजाब व हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आईपीएस पूरण कुमार की आत्महत्या की खबर सामने आई। आईपीएस पूरण कुमार की खुदकुशी के मामले कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आईपीएस की आत्महत्या के मामले की जांच में सामने आया है कि वसीयत औक सुसाइड नोट दो अलग-अलगी तारीखों पर लिखे गए हैं। वसीयत पर छह अक्तूबर तो सुसाइड नोट पर सात अक्तूबर की तारीख दर्ज है।

वसीयत  और सुसाइड नोट पर आईपीएस पूरण कुमार ने हरे रंग की कलम से हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों की माने तो अधिकारी ने खुदकुशी से पहले पूरी प्लानिंग के साथ कदम उठाया। आईपीएस पूरण कुमार ने पहले वसीयत तैयार की और अगले दिन सुसाइड नोट लिखा। पुलिस को घर की तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि तलाशी के समय वहां मौजूद एक रिश्तेदार, जो बठिंडा के मौजूदा विधायक हैं, उनके और पुलिस टीम के बीच बहस भी हुई थी।

पुलिस अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं दो अलग-अलग तारीखें डालकर जांच को गुमराह तो नहीं किया गया। सुसाइड नोट पर 7 अक्तूबर, जबकि वसीयत पर 6 अक्तूबर की तारीख होने से शक गहरा गया है। दोनों दस्तावेजों की लिखावट, स्याही और समय का बारीकी से फोरेंसिक परीक्षण कराया जा रहा है। 

वाई पूरण कुमार के निधन पर हरियाणा पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर शोक संदेश पोस्ट किया गया है। इसमें लिखा है कि हरियाणा पुलिस वाई पूरण कुमार के असामयिक निधन से विभाग अत्यंत दुखी और स्तब्ध है। हम इस कठिन घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें। 

बता दें कि मूल रूप से आंध्र प्रदेश के निवासी वाई पूरण को 29 सितंबर को ही रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाकर सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में आईजी बनाया गया था।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें