एकनाथ शिंदे भले ही शिवसेना के ज्यादातर विधायकों के अपने पाले में होने का दावा कर रहे हैं लेकिन शिवसेना पर हक जमाना और चुनाव चिन्ह को हथियाने की राह उतनी आसान नहीं है. इसकी वजह है चुनाव आयोग के नियम और उसकी प्रक्रिया. दरअसल किसी भी पार्टी को मान्यता देना औऱ उससे जुड़े चुनाव चिन्ह को आवंटित करना चुनाव आयोग के हाथ में ही है