संजय राउत ने कहा कि मुझे विश्वास है कि कुछ लोग लौटेंगे। राउत ने कहा कि बागी विधायक अब पार्टी छोड़ने की वजह बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना ने इन लोगों के लिए क्या नहीं किया? पार्टी ने मेरे लिए उनके लिए ज्यादा किया है। राज्यसभा सांसद ने कहा कि पीएमएलए के मामलों में त्वरित जमानत की कोई गुंजाइश नहीं होती है और ऐसे कई मामले राजनीतिक प्रतिशोध या व्यक्तिगत हिसाब-किताब के लिए दर्ज किए जाते हैं। राउत ने कहा कि इन मामलों को देखने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या विपक्षी सदस्यों के उच्च प्रतिनिधित्व वाली एक संयुक्त संसदीय समिति की 'पीठ' होनी चाहिए।