अगर आप गर्भवती हैं और आंगनबाड़ी में इंजेक्शन लगवाने के साथ ही आप यहां मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ लेने जाती हैं तो यह खबर आपके काम की है। क्योंकि उज्जैन के वार्ड नंबर-54 में पोषण आहार ट्रैकर एप का डेटा हैक हो जाने के बाद यहां की गर्भवती महिलाएं ठगी की शिकार हुई हैं, जिन्हें खाते में रुपये आने की बात कहकर उनसे ओटीपी लिया गया और कुछ देर बाद उनके खाते में जमा राशि गायब कर दी गई। खाते से गायब हुई राशि को लेकर जब महिलाओं ने इस नंबर पर फिर से फोन लगाया तो या तो किसी ने वह फोन नहीं उठाया और अगर गलती से फोन उठाया भी गया तो गर्भवती महिलाओं से गालियों से बात की गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत ज्योति मैडम ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इन दिनों विभाग में पोषण आहार ट्रैकर एप पर ओटीपी लेकर टीएचआर देने का काम चल रहा है। जो की उज्जैन ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में किया जा रहा है। लेकिन वार्ड क्रमांक-54 में यह गड़बड़ी सामने आई है कि यहां आंगनबाड़ी में आने वाली गर्भवती महिलाओं को किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन किया गया और ओटीपी मांगकर उनके खाते में जमा राशि निकाल ली गई।
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ऐसी धोखाधड़ी एक दो महिलाओं के साथ नहीं, बल्कि लगभग आधा दर्जन गर्भवती महिलाओं के साथ हुई है, जिनके खातों में जमा हजारों की राशि में धोखेबाजों ने निकाल ली है। ज्योति मैडम ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के साथ हो रही ठगी की शिकायत के साथ ही इस एप को बंद करने को लेकर हम कंट्रोल रूम पहुंचे थे। जहां से हमें नागझिरी थाने पर इस मामले में प्रकरण दर्ज करवाने को कहा गया है।
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इसीलिए महिलाएं हो रही धोखाधड़ी का शिकार
धोखेबाजों की ठगी की शिकार दीपा ने बताया कि ज्यादातर लोग इसीलिए ठगी का शिकार हो रहे हैं। क्योंकि फोन लगाने वाले लोग उनका नाम पता और आंगनबाड़ी वाली मैडम का नाम एकदम सही बताते हैं। एकदम सही जानकारी मिलने पर लोगों को भरोसा होता है कि यह लोग आंगनबाड़ी से ही बात कर रहे होंगे। लेकिन बाद में फोन लगाने वाले लोग डिलीवरी के दौरान खातों में राशि आने के नाम पर ओटीपी मांगते हैं और बाद में इसी ओटीपी के माध्यम से पता चलता है कि खाते में कोई राशि जमा तो नहीं होती। बल्कि जमा राशि भी गायब हो जाती है। इस प्रकार की ठगी से लगभग आधा दर्जन से अधिक गर्भवती महिलाएं हजारों रुपये गंवा चुकी हैं।