बाबा महाकाल की सवारी के दौरान निकल रही कुछ इस प्रकार की पालकियां
श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर बाबा महाकाल की दूसरी सवारी में बाबा महाकाल के जैसी हूबहू पालकी निकाले जाने को लेकर विरोध शुरू हो चुका है। सवारी में इस प्रकार की पालकी निकाले जाने पर पुजारियों ने जमकर विरोध जताया है, जिनका कहना है कि इस प्रकार की पालकी निकाले जाने से जहां सवारी की परंपरा खंडित होती है, वहीं इससे मंदिर के परंपरा, व्यवस्था और अस्तित्व पर भी प्रश्न चिन्ह खड़े होते हैं।
श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में बाबा महाकाल की पालकी की एक अन्य हूबहू पालकी निकाली जा रही है, जिसमें भगवान को भी वैसे ही विराजित किया जा रहा है, जैसे कि बाबा महाकाल को किया जाता है। बाबा महाकाल की सवारी में बाबा महाकाल की पालकी के अलावा अन्य कोई पालकी नहीं निकाली जाना चाहिए। यदि ऐसी पालकी उनके समानांतर कोई निकलता है तो यह हमारे सनातन धर्म के साथ धोखा है।
इसके साथ ही सनातन धर्म को मानने वाली जनता भी इससे ठगी जा रही है। सवारी में केवल भगवान की पालकी ही निकल जाना चाहिए और कोई यदि ऐसी पालकियां सवारी के दौरान निकलेगा तो इससे सवारी की परंपरा खंडित होगी। आपने बताया कि सवारी में अन्य पालकियां शामिल न हो इसके लिए श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति को आगे आना चाहिए, जिससे कि आने वाली अन्य सवारियों में इस प्रकार की पालकी ना निकल सके। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की पालकी के अलावा सवारी में अन्य पालकिया चाहे उसे बच्चे, बूढ़े जवान कोई भी निकालते हो ऐसी पालकिया अब सवारी में ना निकल पाए और इन पर प्रतिबंध लगाया जाए, ऐसी ही हमारी मांग श्री महाकालेश्वर प्रबन्ध समिति से है और उन्हें इसका निर्वहन करना चाहिए। क्योंकि श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति का संचालन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के द्वारा ही किया जाता है, इसीलिए इस पर भी उन्हें ही ध्यान देना चाहिए। जो गलत तरीके से सवारी के दौरान पालकी निकालता है उन पर भी कार्रवाई होना चाहिए, क्योंकि यह सनातन धर्म के साथ खिलवाड़ है।