टीकमगढ़ शहर में एक 7 वर्षीय बालिका के साथ छेड़छाड़ का मामला सांसद प्रतिनिधि आशीष तिवारी और उनके 58 वर्षीय साले पर पुलिस ने शनिवार को केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में 58 वर्षीय साले को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है, लेकिन रविवार को पुलिस के सामने सीसीटीवी आने के बाद पुलिस की कहानी पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर दिए हैं और पुलिस ने जो एफआईआर में घटना दर्ज की है, उसके विपरीत सीसीटीवी कहानी कुछ और कह रही है।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टीकमगढ़ शहर के जहां पर आरोपी आशीष तिवारी का मकान है, उसी के सामने श्रीराम रहते हैं, जिनके घर लगे सीसीटीवी को कोतवाली पुलिस के नगर निरीक्षक आनंद राज एसडीओपी और महिला पुलिस ने घर पहुंच करके बारीकी से जांच की है। सीसीटीवी में स्पष्ट तौर पर जब पुलिस ने चेक किया, तो स्पष्ट नजर आ रहा है। पुलिस एफआईआर में बताया गया है कि 4:00 बजे लड़की को आरोपी आशीष तिवारी अपने घर ले गया और उसके साथ छेड़खानी की।
जबकि सीसीटीवी में स्पष्ट तौर पर दिख रहा है कि आरोपी आशीष 4:06 मिनट पर मोहल्ले में पहुंचता है और श्रीराम की दुकान पर वह कुछ समय खड़ा रहता है। इसके बाद वह 5 मिनट के लिए घर के अंदर जाता है और घर से निकलकर बाजार के लिए निकल जाता है। पुलिस एफआईआर में बताया गया है कि जब नाबालिग के साथ आरोपी आशीष द्वारा छेड़खानी की गई तब उसके घर में कोई नहीं था, लेकिन सीसीटीवी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि 3 से लेकर 5 बजे तक उनके घर के परिवार के सभी सदस्य घर में मौजूद थे जो सीसीटीवी में स्पष्ट तौर से दिख रहे हैं। वहीं पुलिस एफआईआर में लिखा गया है कि आरोपी नाबालिग को बुलाकर अपने घर ले गया था और उस समय घर में उनका कोई सदस्य नहीं था।
5:07 पर सीसीटीवी में दिखी बालिका
पूरे सीसीटीवी में 2 घंटे के दौरान बाल का 5:07 पर नजर आती है और वह साइकिल चलती हुई दिखती है इसके बाद वह अपने घर चली जाती है। सूत्र बताते हैं कि पुलिस इस मामले में आईटी एक्सपर्ट को भी अपने साथ लेकर गई थी, जहां पर उन्होंने सीसीटीवी को कलेक्ट किया है। शनिवार की शाम से नगर निरीक्षक और टीकमगढ़ के पुलिस अधीक्षक रोहित पत्रकारों की ना तो फोन रिसीव कर रहे हैं ना ही उनसे बात कर रहे हैं। क्योंकि उनके द्वारा लिखी गई यह झूठी पटकथा अब उन्हीं के लिए जी का जंजाल बन गई है। बता दें कि टीकमगढ़ लोकसभा से सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक ने आरोपी आशीष तिवारी को 10 सितंबर को अपना सांसद प्रतिनिधि बनाया था। इसके बाद घटना सामने आने के बाद शनिवार को कलेक्टर को पत्र लिखकर के उन्हें पद से हटाने के लिए वीरेंद्र खटीक ने लिखा है।
किसी के साथ गलत नहीं होगा:- आईजी
सागर आईजी प्रमोद वर्मा से जब इस संबंध में दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की विवेचना चल रही है और स्वयं पुलिस अधीक्षक मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा इसलिए सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं और इस मामले में जो भी कार्रवाई होगी वह सही कार्रवाई होगी।