शहडोल में सोन नदी का पानी बढ़ जाने से दो लोग फंस गए।
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मूसलाधार बारिश के चलते बाणसागर डैम में क्षमता से अधिक जल भराव को देखते हुए गेट खोले गए। गेट खोलते ही सोन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ बढ़ गया और बीच धार में मछुआरे फंस गए। हालांकि दो लोग जान बचाने में सफल रहे और मछली मारने गए दो युवक अभी भी नदी के बीच में बने टापू में पेड में चढ़कर फंसे रहे। देर रात करीब 11 बजे उन्हें बचा लिया गया।
गौरतलब है कि कलेक्टर ने एक दिन पहले ही डैम के गेट खोलने के बाद की स्थिति का जायजा लेने आंचल का निरीक्षण किया था। इसके बावजूद प्रशासनिक अमला सजग नहीं हुआ और मछली मारने गए चार युवक फंस गए। दो युवक राजेश कोल और विजय कोल तेज बहाव की वजह से भाग नहीं पाए और बीच नदी में टापू में स्थित एक पेड़ में चढ़कर पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। आज दोपहर तकरीबन 1 बजे बाणसागर डैम में जल स्तर बढ़ाने की वजह से तीन गेट खोले गए हैं, इसकी पूर्व में आसपास व कई जिलों में सूचना भी दी गई थी। ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी भी करवाई गई थी। इसके बावजूद भी लोग नदी में मछली पकड़ रहे थे। इस दौरान डैम का गेट खुला और अचानक पानी आ गया, जिसमें फंसे दो युवकों को निकालने के लिए पूरा प्रशासन रेस्क्यू टीम के साथ वहां मौजूद है। कलेक्टर ने जानकारी मिलने के बाद तीनों गेट को बंद कर दिया है और पानी कम होने का रेस्क्यू टीम इंतजार करती रही। बाद में उन्हें बाहर निकाल लिया गया।
देवलोंद रीवा-शहडोल मार्ग पर स्थित अंतर्राज्यीय बहुउद्देशीय बृहद नदी घाटी परियोजना है। जिले में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के चलते बाणसागर डैम लबालब भर गया है। बाणसागर डैम का जलभराव अधिक हो जाने से सोमवार को डैम के तीन गेट खोल दिए गए हैं। जिससे सोन नदी में जल स्तर अचानक बढ़ गया, इस दौरान देवलौंद थाना क्षेत्र के कुम्हिया गांव के रहने वाले चार युवक नदी में मछली पकड़ रहे थे, दो युवक तो यह समझ गए कि डैम का गेट खुला है और तेज बहाव नदी में आ रहा है। दोनों युवक तुरंत नदी के किनारे पहुंच गए और अपनी जान बचा ली। वहीं राजेश कोल 38 वर्ष एवं विजय कोल 26 वर्ष तेज बहाव से निकल नहीं पाए और पास में टापू में स्थित एक पेड़ में चढ़कर मदद की गुहार लगाने लगे।
जो दो युवक पहले नदी से निकलकर बाहर आए उन्होंने इसकी जानकारी ग्रामीणों के साथ-साथ पुलिस को दी। जानकारी लगने के बाद थाना प्रभारी देवलौंद डीके दहिया अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। जानकारी पुलिस अधीक्षक के बाद कलेक्टर शहडोल केदार सिंह को मिली, जिन्होंने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए डैम के अधिकारियों से बातचीत कर तीनों गेट को तत्काल बंद करवा दिया है। एसडीआरएफ द्वारा रेस्क्यू कर 10.50 बजे सुरक्षित निकाल लिया गया है ।