छिंदवाड़ा जिले के परासिया में जहरीले कफ सिरप से हुई मासूम बच्चों की मौतों ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनके बेटे, पूर्व सांसद नकुलनाथ, पीड़ित परिवारों से मिलने परासिया पहुंचे। दोनों नेता बच्चों के परिजनों से मिलते हुए भावुक हो गए।
कमलनाथ ने इस घटना को सरकार की “घोर लापरवाही का परिणाम” बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित दवा की खरीद में गंभीर गड़बड़ी हुई है। “यह कोई साधारण गलती नहीं, बल्कि अपराध है,” उन्होंने कहा। साथ ही उन्होंने मांग की कि केवल दवा कंपनी ही नहीं, बल्कि इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर भी एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
परिजनों से बातचीत के दौरान कमलनाथ की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा, “मैं पहले दिन नहीं आ सका क्योंकि मुझमें आप लोगों का सामना करने की हिम्मत नहीं थी। मैं यह दर्द सह नहीं पा रहा था।” उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और हर संभव मदद करेगी।
कमलनाथ और नकुलनाथ ने उत्सव मैरिज लॉन में मृतक बच्चों की तस्वीरों पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान वातावरण गमगीन था। कई परिजन अपने बच्चों को याद कर रो पड़े। मृतक अदनान के परिवार ने बताया कि इलाज के दौरान कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे बच्चा तड़पता रहा।
कमलनाथ ने एक बार फिर सरकार से प्रत्येक परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणाएँ केवल दिखावे की हैं। नकुलनाथ ने कहा कि कांग्रेस न्याय की इस लड़ाई से पीछे नहीं हटेगी।
दोनों नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि शासन की असंवेदनशीलता का जीता-जागता उदाहरण है — और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, यह संघर्ष जारी रहेगा।