भोजशाला में आगामी शुक्रवार 23 जनवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू और मुस्लिम समाज द्वारा किए जाने वाले आयोजनों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं, इसी क्रम में आज धार के सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों और दोनों समाजों के प्रतिनिधियों के बीच अलग-अलग समय पर लंबी चर्चा हुई, जिसमें शांतिपूर्ण एवं निर्विवाद समाधान निकालने पर मंथन किया गया।
बैठक में कमिश्नर सुदामा खाडे, आईजी अनुराग, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, हिंदू समाज की ओर से भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन, अध्यक्ष सुरेश जलोदिया, गोपाल शर्मा, विश्वास पांडे, हेमंत दौराया, सुमित चौधरी शामिल हुए, वहीं मुस्लिम समाज की ओर से शहर काजी वकार सादिक, मुस्लिम समाज शहर सदर अब्दुल समद, मुजीब कुरैशी, सोहेल निसार सहित आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान 23 जनवरी बसंत पंचमी को दोनों समाजों के आयोजनों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने तथा किसी भी प्रकार की विवादित स्थिति से बचने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के पश्चात मीडिया से चर्चा में मुस्लिम समाज के शहर सदर अब्दुल समद ने बताया कि प्रशासन से सकारात्मक बातचीत हुई है और मुस्लिम समाज संवैधानिक अधिकारों के तहत सीमित संख्या में भोजशाला में सांकेतिक नमाज अदा करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि शहर हमारा है, शांति बनी रहनी चाहिए, किसी भी प्रकार का विवाद न हो यही हमारा प्रयास है।
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वहीं भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा कि उन्होंने प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने बताया कि 2003 के आदेश के अनुसार बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदू समाज द्वारा अखंड पूजा एवं दर्शन का प्रावधान है और इसमें किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस मामले में आईजी अनुराग ने कहा कि दोनों पक्षों से संवाद हुआ है और विवाद टालने को लेकर बातचीत सार्थक रही है। किसी भी स्थिति में लॉ एंड ऑर्डर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं कमिश्नर सुदामा खांडे ने बताया कि दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने की बात कही है।
इस संबंध में प्रशासन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि जो भी अंतिम आदेश आएगा, उसके अनुसार व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने व भ्रामक जानकारी न फैलाने की अपील की। प्रशासन और दोनों समाजों के जिम्मेदारों के बीच हुई इस चर्चा के बाद 23 जनवरी बसंत पंचमी को भोजशाला में शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है।