दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मोहरा गांव में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां दवा युक्त चना खाने से दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। दोनों को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वे पीआईसीयू वार्ड में उपचाराधीन हैं।
जानकारी के अनुसार, मोहरा गांव निवासी बलराम सिंह लोधी के 3 वर्षीय पुत्र वेदांत और वकील सिंह लोधी की 18 माह की बेटी नमामि ने घर के बाहर धूप में सुखाने के लिए रखे गए चने खा लिए थे। इन चनों में कीड़ों से बचाव के लिए दवा मिलाई गई थी। कुछ ही देर बाद दोनों बच्चों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें लगातार उल्टी-दस्त होने लगे। स्थिति गंभीर होते देख परिजनों ने तुरंत दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।
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परिजनों ने बताई घटना की पूरी जानकारी
परिजन गोविंद सिंह लोधी ने बताया कि चनों में कीट से बचाव के लिए दवा डाली गई थी और उन्हें सूखने के लिए बाहर रखा गया था। इसी दौरान बच्चे खेलते-खेलते वहां पहुंच गए और चने खा लिए। घटना के समय परिजन खेत पर थे, बाद में सूचना मिलने पर वे तुरंत घर पहुंचे और बच्चों को अस्पताल लेकर गए।
डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल लाया गया था। परिजनों ने जहरीला चना खाने की आशंका जताई है। फिलहाल दोनों बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है और उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।
कलेक्टर के निर्देशन में भेजी जा रही टीम
इस घटना के बाद कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरके आठिया द्वारा टीम गठित की गई है। जिसे गांव भेजने के निर्देश दिए हैं। घटना से गांव में चिंता का माहौल है, वहीं चिकित्सकों ने परिजनों से दवाओं और कीटनाशकों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने की अपील की है।