फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Damoh: तीन दिन की समाधि से निकले ब्रह्मचारी बाबा, बोले-जिसको दीक्षा दी उसने रामधुन नहीं कराई, सिद्धियां गईं

Wed, 02 Apr 2025 08:15 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह

दमोह जिले के पटेरा तहसील के बबलीगढ़ धाम में रविवार को तीन दिन की समाधि लेने वाले 45 वर्षीय बाल ब्रह्मचारी मान सिंह लोधी की समाधि बुधवार दोपहर दो बजे पूरी हो गई। स्थानीय लोगों ने समाधि की मिट्टी हटाकर बाबा को पूरी तरह स्वस्थ बाहर निकाला। इस नजारे को देखने हजारों लोगों की भीड़ मोजूद थी।

समाधि लेने के उद्देश्य पर बाबा ने कहा कि क्षेत्र के लोगों पर हनुमान जी की कृपा और सभी की मनोकामना पूरी करने के लिए समाधि ली थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में रहने वाले चंदन सिंह को उन्होंने 6 माह पहले दीक्षा दी थी और उसे 20 प्रतिशत सिद्धियां दी थीं, जिससे वह 14 किलोमीटर पानी में तैर सकता है। यहां पर 20 प्रतिशत सिद्धियां और उसे दी जानी थी। इसलिए उसने यहां पर मुझे बुलाया था, लेकिन चंदन सिंह ने मेरी समाधि के बाद यहां पर अखंड कीर्तन नहीं करवाया, जिससे मेरी जान जाते-जाते बची। मेरे ऊपर गुरु की कृपा थी इसलिए मैं बच गया, अन्यथा मेरी जान चली जाती। दुष्प्रभाव यह हुआ कि इस गलती से मेरी 30 प्रतिशत सिद्धियां नष्ट हो गईं। अब मुझे अपने गुरु के पास चित्रकूट जाना होगा और उनसे माफी मांगनी होगी तब जाकर मुझे सिद्धियां वापस मिलेंगी।

ये भी पढ़ें- शहर में अब पुरानी पुस्तक बदलने के लिए भी लगेगा मेला, सभी निजी स्कूलों में चल रहीं NCRT की किताबें

बता दें कि रविवार दोपहर दो बजे शुरू हुई यह समाधि बुधवार दोपहर दो बजे तक चली। पटेरा ब्लॉक स्थित बबलीगढ़ धाम मोहस में मंदिर परिसर के अंदर एक गड्ढा खोदा गया था। यह गड्ढा 3 फीट गहरा और 5 बाई 5 फीट चौड़ा है। बाबा ने इसमें घुटनों के बल बैठकर समाधि ली थी। समाधि के बाद गड्ढे को मिट्टी से ढंक दिया गया था, जिसे बुधवार को खोला गया। तेंदूखेड़ा ब्लॉक के हिनौती पुतरी घाट निवासी मान सिंह लोधी कि यह पांचवीं समाधि हैं। उनके बड़े भाई रतन लोधी के अनुसार मान सिंह बचपन से ही बाल ब्रह्मचारी हैं। पिछले 15 वर्षों में उन्होंने कई बार समाधि ली है।

ये भी पढ़ें- स्याही कांड की जांच शुरू, नगर पालिका सीएमओ बोले...'फर्जी बिलों पर रोक लगाई, इसलिए पोती स्याही'

पिता हैं किसान
बाबा मान सिंह के पिता कोमल लोधी किसान हैं। मान सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। बचपन में ही उन्होंने ब्रह्मचर्य व्रत ले लिया था। तब से वह घर नहीं आते। गांव में एक मंदिर में रहकर साधना करते हैं। उनके भाई के अनुसार, समाधि का उद्देश्य देश में सुख-शांति लाना है। बबलीगढ़ धाम में स्थित पवन पुत्र हनुमान का प्राचीन मंदिर है, जो क्षेत्र के लोगों की आस्था का केंद्र है। बाबा की समाधि के दिन भी यहां हजारों लोग मौजूद थे और आज उनके समाधि से निकलने के बाद भी हजारों की संख्या में लोग एकत्रित हुए।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें