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भिंड में खाद माफिया पर शिकंजा: एनपीके के 100 बैग जब्त, सैंपल लैब भेजे; दतिया से जुड़े तार

Tue, 27 Oct 2026 08:30 PM IST
भिन्ड ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड

रबी सीजन की बुआई के बीच भिंड जिले में अवैध खाद के कारोबार और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर पवन कुमार जैन के निर्देश पर कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमें जिलेभर में उर्वरक की जांच कर रही हैं। इसी अभियान के तहत लहार तहसील के आलमपुर क्षेत्र में टीम ने बिना वैध परमिट और POS रिकॉर्ड के परिवहन किए जा रहे NPK खाद के 100 बैग जब्त किए हैं।

जानकारी के मुताबिक, आलमपुर क्षेत्र में पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने एक संदिग्ध पिकअप वाहन क्रमांक MP07 GA 8371 को रोककर उसकी जांच की। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 'पटेल फॉस्फोकेम' कंपनी के NPK खाद के 100 बैग मिले। जांच के दौरान खाद के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज और POS रिकॉर्ड नहीं पाए गए। इसके बाद अधिकारियों ने पूरी खेप को जब्त कर लिया।

खाद के सैंपल जांच के लिए भेजे
जब्त किए गए खाद के सभी 100 बैगों को सुरक्षित रखने के लिए आलमपुर प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति के सुपुर्द किया गया है। वहीं, खाद की गुणवत्ता और वास्तविकता की जांच के लिए नियमानुसार सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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दतिया से जुड़े मामले के तार
प्रारंभिक पूछताछ में इस मामले के तार पड़ोसी जिले दतिया से जुड़े सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, वाहन चालक 34 वर्षीय कल्लू साहू यह खाद गोराघाट, जिला दतिया निवासी निशांत अग्रवाल के यहां से लेकर आ रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए भिंड जिला प्रशासन ने दतिया के कृषि उप संचालक को आधिकारिक पत्र भेजकर संबंधित खाद विक्रेता के संबंध में कार्रवाई के लिए जानकारी दी है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत FIR
मामले में लहार के उर्वरक निरीक्षक की शिकायत पर आवश्यक वस्तु अधिनियम और उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि जब्त खाद कहां से लाई गई थी और इसे कहां खपाया जाना था। अधिकारियों को आशंका है कि मामला केवल एक वाहन या स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हो सकता। खाद की अवैध खरीद-फरोख्त और कालाबाजारी के किसी बड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। प्रशासन खाद के स्रोत, परिवहन और संभावित बिक्री नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रहा है।

किसानों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे खाद केवल अधिकृत सोसायटियों या पक्के बिल वाले विक्रेताओं से ही खरीदें। बिना बिल, संदिग्ध पैकिंग या ब्लैक मार्केट में बिक रही खाद खरीदने से बचें। इससे किसान नकली या घटिया उर्वरक से होने वाले नुकसान से बच सकते हैं। फिलहाल जब्त खाद के सैंपल की लैब रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।  

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