पलक्कड़(केरलम)/अयोध्या। पलक्कड़ जिला केन्द्र से लगभग छह किलोमीटर दूर नेम्मारा की दिशा में अनुमानतः 10 से 15 किलोमीटर लंबी एक पर्वत माला है जिसे बीड़ूमाला नाम से जाना जाता है। स्थानीय लोग बताते हैं कि युद्ध में घायल लक्ष्मण जी के उपचार के लिए इसी आकाश मार्ग से महाबली हनुमान संजीवनी समेत द्रोणागिरि पर्वत लेकर लंका के युद्ध मैदान जा रहे थे पर्वत के कुछ टुकड़े गिरने से कई किलोमीटर लंबी यह बीजूमाला पर्वत श्रृंखला बनी थी ऐसा पूर्वज अगली पीढ़ी को बताते आए हैं। स्थानीय निवासी स्वामी पूर्णानन्द तीर्थपाद, हिन्दू एक्य वेदी के जिला सचिव मधुसूदन पिल्लै, स्वामी देवानंद पुरी आदि बताते हैं कि आयुर्वेद के जानकार आज भी इस पर्वत श्रृंखला में औषधियों की खोज में आते हैं।