लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर रेखा सचान ने बताया कि महिलाओं में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उनके अनुसार, ऐसी गर्भावस्था में मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, समय से पहले प्रसव और अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, संतुलित आहार, समय पर उपचार और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की अपील की है, ताकि जोखिम को कम किया जा सके।