मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट वन रेंज के राजाराम टांडा गांव में बकरियां चराकर घर लौट रहे किशोर पर मंगलवार शाम को तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। मां की सूझबूझ और साहस से बालक की जान बच गई, जबकि हमले में एक बकरी की मौत हो गई। गांव निवासी किशन (15) पुत्र ननकू अपनी मां गुड्डी देवी के साथ खेत से बकरियां लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने अचानक किशन पर झपट्टा मारा। बेटे को तेंदुए के चंगुल में फंसा देखकर गुड्डी देवी ने हिम्मत दिखाते हुए तेंदुए पर हमला कर दिया और शोर मचाने लगीं। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, इस पर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। हमले में घायल किशन को ग्रामीणों ने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुजौली पहुंचाया। वहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोतीपुर रेफर कर दिया। वन दरोगा राधेश्याम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन दरोगा ने तेंदुए के हमले की पुष्टि करते हुए ग्रामीणों को तेंदुए की गतिविधियों से सतर्क रहने और बचाव के उपायों की जानकारी दी। गांव में तेंदुए की लगातार आमद से भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है, ताकि गांव में दुबारा ऐसी घटना न हो सके।