एसजीपीजीआई में रोबोकॉप्स कार्यशाला में तमिलनाडु से पहुंचे डॉ विजई ने रोबोटिक उपकरणों की कार्यक्षमता का प्रदर्शन करते हुए बताया कि कैसे ये उपकरण मानवीय हाथों की तुलना में अधिक सटीकता से काम करते हैं। उन्होंने एक विशेष 'रोबोटिक इंस्ट्रूमेंट' दिखाते हुए बताया यह उपकरण 360 डिग्री से भी अधिक घूम सकता है, जो एक सर्जन के हाथ के लिए संभव नहीं है। इसकी मदद से हम शरीर के उन संकरे हिस्सों तक आसानी से पहुँच सकते हैं और बारीकी से टांके लगा सकते हैं, जहाँ पारंपरिक सर्जरी में कठिनाई होती है। कॉन्क्लेव में मौजूद सर्जन्स ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें चीरे बहुत छोटे होते हैं, जिससे मरीज को दर्द कम होता है और वह जल्दी स्वस्थ होकर घर लौट सकता है। रक्तस्राव न्यूनतम होने के कारण जटिल ऑपरेशनों में सफलता की दर बढ़ जाती है। रोबोटिक कंसोल पर बैठकर सर्जरी करने से सर्जन को थकान कम होती है। सिस्टम द्वारा प्रदान किया जाने वाला 3D हाई-डेफिनिशन विजन सर्जन को अंगों और नसों को कई गुना बड़ा और स्पष्ट देखने में मदद करता है, जिससे गलती की गुंजाइश न के बराबर रह जाती है।