भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) की लखनऊ जिला कमेटी ने भ्रष्टाचार, पेपर लीक और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में आ रही कमियों के खिलाफ प्रतिवाद मार्च और प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र-युवा आंदोलन का समर्थन करते हुए आंदोलनकारियों के दमन की निंदा किया। भाकपा (माले), आइसा और जसम के कार्यकर्ताओं ने सरकार से प्रमुख मांगें की हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भंग कर नई पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाना, नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द करना और सभी के लिए सस्ती व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी शामिल है।