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डोडा की बेटियां बनेंगी उद्यमी, आरसेटी और एनआरएलएम की साझा पहल रंग ला रही है

डोडा ज़िले में ग्रामीण महिलाओं और बेरोज़गार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के रूरल सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत ज़िले के विभिन्न गांवों से आई लगभग 30 युवतियों को स्वयं सहायता समूह गठन, बैंक लिंकेज, सरकारी योजनाओं की जानकारी, और उद्यमिता (एंटरप्रेन्योरशिप) से जुड़ी बारीकियों की ट्रेनिंग दी जा रही है। आरसेटी डोडा प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे इस कार्यक्रम में एनआरएलएम और आरएसईटीआई के प्रशिक्षित और प्रमाणित ट्रेनर भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण में व्यावहारिक सत्रों, समूह गतिविधियों और लाइव डेमो के माध्यम से प्रतिभागियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए तैयार किया जा रहा है। अब तक इस योजना से लाभान्वित कई युवक-युवतियाँ सिलाई-कढ़ाई, मुर्गी पालन, मोबाइल रिपेयरिंग, बेकरी और ब्यूटी पार्लर जैसे क्षेत्रों में अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर चुके हैं। आरसेटी के निदेशक ने कहा, “हमारा उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।” वहीं एनआरएलएम के अधिकारियों का कहना है कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती देने की दिशा में एक कारगर कदम है, विशेष रूप से उन पिछड़े इलाकों में जहाँ रोज़गार के अवसर सीमित हैं। एक प्रतिभागी मेहनाज़ बानो ने बताया, “पहले हमें नहीं पता था कि व्यापार कैसे शुरू करें। अब आत्मविश्वास है कि हम कुछ कर सकते हैं और अपने परिवार की आर्थिक मदद भी कर सकते हैं।” यह पहल स्थानीय समुदाय में काफ़ी सराही जा रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि यह कार्यक्रम महिलाओं और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, कौशल आधारित और स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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