14 वर्षीय दिव्यांग छात्रा खुशबू जान ने गंदरबल में आयोजित UT-स्तरीय एथलेटिक मीट में अकेले 400 मीटर दौड़कर इतिहास रच दिया और अपने साहस व आत्मविश्वास से सबका दिल जीत लिया। बचपन की एक दुर्घटना के बाद भी संघर्षों से उभरकर खुशबू ने साबित किया कि दिव्यांगता नहीं, हिम्मत इंसान को आगे बढ़ाती है, और उनका संदेश है- डरोगे तो करोगे क्या, आगे बढ़ो और खुद पर विश्वास रखो।