फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आगरा में यमुना की बाढ़ ने ताजमहल को घेरा, स्मारकों पर मंडराया खतरा

Wed, 10 Sep 2025 05:04 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

आगरा में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इस बाढ़ ने अब देश की धरोहरों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। मंगलवार को यमुना का पानी ताजमहल की पिछली दीवार को छूकर बहता हुआ दिखाई दिया। ताज के पीछे बना खूबसूरत गार्डन पूरी तरह से डूब चुका है। पश्चिमी गेट की पार्किंग का रास्ता जलमग्न हो गया है, जिससे पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

यमुना किनारे बने महताब बाग और ताज व्यू प्वाइंट, जो पर्यटकों के लिए ताज देखने के प्रमुख आकर्षण माने जाते हैं, पूरी तरह पानी में समा गए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और आगरा विकास प्राधिकरण ने सुरक्षा को देखते हुए इन स्थलों पर पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया है। दोनों स्थलों पर टिकट बिक्री बंद होने से राजस्व का नुकसान भी हो रहा है।

महताब बाग, जहां से शुक्रवार को बड़ी संख्या में पर्यटक ताज का नजारा करने आते थे, अब पानी में डूबा है। ताज व्यू प्वाइंट से ताज का जो अद्भुत नजारा दिखता था, वह फिलहाल संभव नहीं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने साफ किया है कि फिलहाल जलस्तर घटने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही स्मारकों के नुकसान का आकलन किया जाएगा। ताजमहल, आगरा किला और एतमाउद्दौला जैसे विश्व धरोहर स्मारकों की सुरक्षा एएसआई की जिम्मेदारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार पानी का दबाव ताजमहल की नींव और पिछली दीवार के लिए चिंता का विषय है।

इतिहासकारों का कहना है कि ताज की नींव यमुना की नमी पर टिकी है। पानी की सतत उपस्थिति ही उसे स्थिर रखती है, लेकिन बाढ़ जैसे हालात लंबे समय तक बने रहे तो दीवारों और आसपास के ढांचे को क्षति पहुंच सकती है।

मंगलवार को ताजमहल में पर्यटकों की संख्या में अचानक कमी देखी गई। यमुना किनारा रोड, जो यमुना एक्सप्रेस-वे और लखनऊ एक्सप्रेस-वे से आने वाले पर्यटकों के लिए मुख्य मार्ग है, जलमग्न हो गया है। स्ट्रेची ब्रिज के नीचे चार फीट पानी भर गया है। कई पर्यटकों के वाहन पानी में डूब गए। इससे पर्यटकों का उत्साह ठंडा पड़ा और ताज का दीदार करने वालों की संख्या कम हो गई।

पर्यटन से होने वाली आय पर इसका सीधा असर पड़ा है। महताब बाग और ताज व्यू प्वाइंट से होने वाली टिकट आमदनी भी पूरी तरह बंद हो चुकी है।

आगरा किला की खाई में चार फीट तक पानी भर गया है। मंटोला नाला उल्टा बहने के कारण यमुना का पानी किले के चारों ओर फैल गया है। वहीं एतमाउद्दौला स्मारक के यमुना की ओर बने 12 कमरे पानी में डूब गए हैं। यह स्थिति स्मारकों की दीवारों और नींव को कमजोर कर सकती है।

पिछले वर्ष जोहरा बाग बाढ़ और बारिश के कारण ढह गया था। इस घटना के बाद से एएसआई और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही के आरोप भी लगे थे। इस बार ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थल पर खतरा मंडराना चिंता का विषय है।

बाढ़ ने आगरा के लोगों के जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। कई कॉलोनियां डूबी हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं। मोक्षधाम डूब जाने से अंतिम संस्कार करने के लिए जगह तक नहीं मिल रही। पोइया घाट और ताजगंज मोक्षधाम पूरी तरह पानी में हैं। मजबूरन लोगों को सड़कों और खेतों पर चिताएं जलानी पड़ रही हैं।

ताजमहल न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया की धरोहर है। यहां हर साल लाखों विदेशी और देशी पर्यटक आते हैं। लेकिन इस बार यमुना की बाढ़ ने उसकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताज के पीछे का गार्डन और खान-ए-आलम नर्सरी पानी में डूब गए हैं। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जलस्तर जल्दी नहीं घटा तो दीवारों पर सीलन और क्षरण का खतरा बढ़ सकता है।

कुल मिलाकर, यमुना की बाढ़ ने आगरा की ऐतिहासिक धरोहरों को गंभीर संकट में डाल दिया है। ताजमहल, महताब बाग और ताज व्यू प्वाइंट के डूबने से जहां पर्यटकों का आकर्षण घटा है, वहीं एएसआई के सामने संरक्षण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अब सबकी नजरें यमुना के जलस्तर पर हैं—क्या यह घटेगा और ताज को राहत मिलेगी, या फिर यह संकट और गहराएगा?

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें