फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Women Reservation Bill 2026 Failed: महिला आरक्षण बिल पर डिंपल यादव ने केन्द्र सरकार पर दागे तीखे सवाल!

Sat, 25 Apr 2026 03:30 AM IST
Bhaskar Tiwari वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान जारी है। सरकार विपक्ष पर महिलाओं के अधिकार छिनने का आरोप लगा रही है तो वहीं विपक्ष की ओर से सरकार के ऊपर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है। इन सब के बीच समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, "महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हो चुका है. केंद्र सरकार भ्रम फैला रही है और जनता को गुमराह कर रही है; वे यह स्थिति इसलिए बना रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि वे ज़्यादातर राज्यों में चुनाव हार रहे हैं

समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद डिंपल यादव ने हाल ही में केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 संसद में पारित हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार जनता के बीच भ्रम फैलाने और गलत जानकारी देने का काम कर रही है। डिंपल यादव के अनुसार, सरकार जानबूझकर इस मुद्दे को उलझाए रख रही है ताकि असली सवालों से ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रणनीति इसलिए अपनाई जा रही है क्योंकि सत्ताधारी दल को यह आभास हो गया है कि वह आने वाले समय में कई राज्यों में चुनावी हार का सामना कर सकता है।

 अपने बयान में उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं को राजनीति में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने के लिए केवल कानून पास करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे समयबद्ध तरीके से लागू करना भी उतना ही जरूरी है। डिंपल यादव ने केंद्र सरकार से मांग की कि वह महिला आरक्षण कानून को जल्द से जल्द प्रभावी बनाए और इसमें किसी प्रकार की देरी न करे। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी लंबे समय से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रही है और अब उन्हें और इंतजार नहीं कराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर स्पष्ट रोडमैप पेश करने से बच रही है, जिससे संदेह और बढ़ता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिला आरक्षण का मुद्दा आने वाले चुनावों में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों और भागीदारी से जुड़ा हुआ है।

 इस पूरे बयान के जरिए डिंपल यादव ने न केवल केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए, बल्कि यह भी संकेत दिया कि विपक्ष इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाएगा। कुल मिलाकर, महिला आरक्षण को लेकर जारी यह राजनीतिक बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है, जिससे देश की राजनीति में इस विषय की अहमियत और बढ़ने की संभावना है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें