क्या आप और कांग्रेस के बीच कोई समझौता हो सकता है? क्या गुजरात में बीजेपी को टक्कर देने के लिए केजरीवाल राहुल साथ आ सकते हैं? क्या आम आदमी पार्टी की दुश्मन अब कांग्रेस नहीं बीजेपी है? ये सवाल चौंकाने वाले हो सकते हैं क्योंकि अभी आप की राजनीति कांग्रेस के खात्मे के इर्द गिर्द घूमती दिखाई पड़ती है। आप को वहां वहां कामयाबी मिली जहां जहां कांग्रेस कमजोर हुई। उदाहरण के लिए पंजाब दिल्ली जैसे राज्य। लेकिन गुजरात एक अलग कहानी है। यहां बीजेपी बड़ी ताकत है बेशक कांग्रेस यहां पर कमजोर है और केजरीवाल तो यहां तक कह चुके हैं कि जो खत्म हो चुके उनके बारे में क्या बात करना। वो खुद कांग्रेस के विकल्प के तौर पर पेश तो कर रहे हैं लेकिन वो ये भी जानते हैं कि गुजरात के चुनाव पंजाब जैसे नहीं होंगे। पंजाब में बीजेपी की अपनी कोई ताकत नहीं थी। शिरोमणी अकाली दल के साथ वो छोटे भाई की भूमिका में थी। लिहाजा ये बात तो तय है कि आप अपने दम पर गुजरात में पंजाब वाला कमाल नहीं कर पाएगी। अब आप और कांग्रेस के समीकरणों को समझना चाहिए क्योंकि इनके मिल कर लड़ने की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता।