गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनावी नतीजे आ गए है और अब इन परिणामों का सीधा असर राजस्थान की सियासत पर भी पड़ने वाला है। दरअसल, राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव है। ऐसे में गुजरात में मिली सफलता के बाद भाजपा के कई मौजूदा विधायकों को टिकट कटने की चिंता सताने लगी है। खासकर उन विधायकों को जिनका प्रदर्शन औसत से कमजोर रहा है। भारतीय जनता पार्टी अपनी सक्सेस स्टोरी दोहराने के लिए गुजरात मॉडल पूरे देश में लागू कर सकती है। बता दें कि, गुजरात में एक साल पहले मुख्यमंत्री का चेहरा बदला और फिर मंत्रियों के कामकाज में भी फेरबदल किए। 30 से अधिक विधायकों के टिकट काटे। उनकी जगह युवाओं को मौका दिया। इसका असर यह हुआ कि 182 विधायकों वाली विधानसभा में पार्टी ने 156 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल हुई। वहीं, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कांग्रेस ने सिर्फ 17 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं, आम आदमी पार्टी सिर्फ पांच सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई।