बिहार में पहले चरण के विधानसभा चुनाव में बंपर वोटिंग हुई. जन सुराज के प्रशांत किशोर का बयान भी सामने आया है. वो अपनी जीत का दावा रहे है. पीके का कहना है कि 14 तारीख को इतिहास लिखा जाएगा. प्रशांत किशोर ने कहा कि इतनी वोटिंग सरकार बनाए रखने के लिए नहीं बल्कि बदलाव के लिए होती है, बदलाव तो निश्चित है. तो क्या ये वैसा ही जैसा दिख रहा है। बिहार में बंपर वोटिंग की वजह आखिर है क्या।
आम लोग ये ही सोचते हैं और मानते भी हैं कि ज्यादा वोट पड़ना सत्ता विरोधी रूझान है, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है। इसको समझने के लिए बिहार में SIR का प्रोसेस समझना होगा। विशेष मतदाता सूची संशोधन (SIR) के बाद बिहार की मतदाता संख्या में भारी कटौती हुई थी। राज्य में 30.7 लाख नाम हटाए गए, जिससे मतदाता सूची में करीब 4% की कमी आई। इसके बावजूद, 6 नवंबर को 3.75 करोड़ मतदाताओं में से 2.43 करोड़ ने वोट डाला, जो 2024 लोकसभा चुनाव के 2.15 करोड़ वोटरों से कहीं अधिक है।