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SSC छात्रों के आंदोलन पर क्या बोले खान सर?

Mon, 04 Aug 2025 09:47 PM IST
आदर्श वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम

“SSC में बेवकूफ लोग बैठ गए हैं। जो लोग किसी काम के नहीं बचे, वो अब भर्ती परीक्षा चला रहे हैं। पुलिस का व्यवहार भी बेहद अमानवीय रहा… हम अपने लिए नहीं, बच्चों के लिए लड़ रहे हैं।”

जी हां, ये तीखे और तिलमिलाते शब्द हैं देश के प्रख्यात शिक्षक और यूट्यूबर खान सर के, जो कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की सेलेक्शन पोस्ट फेज-13 भर्ती परीक्षा में हुई तकनीकी और प्रशासनिक गड़बड़ियों पर अब खुलकर सामने आ गए हैं।

खान सर ने न सिर्फ SSC की परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए, बल्कि एडुक्विटी वेंडर को टेंडर देने पर भी तीखा विरोध जताया। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर के छात्र सड़कों पर हैं, और जंतर-मंतर से लेकर पटना, लखनऊ और जयपुर तक SSC के खिलाफ उबाल चरम पर है।

क्या हैं गड़बड़ियां, जिनसे भड़के छात्र?

SSC की सेलेक्शन पोस्ट फेज-13 परीक्षा 24 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच होनी थी। लेकिन अभ्यर्थियों ने भारी संख्या में शिकायतें दर्ज कराईं:
    •    कई परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा बिना पूर्व सूचना रद्द कर दी गई।
    •    सर्वर क्रैश, कंप्यूटर काम न करना, माउस खराब जैसी तकनीकी दिक्कतें आम थीं।
    •    कुछ छात्रों को 500 से 600 किमी दूर केंद्र अलॉट हुए – जैसे कानपुर के छात्र को कर्नाटक भेजा गया।
    •    छात्रों का दावा है कि हर दिन वही प्रश्नपत्र रिपीट हो रहा था, जिससे पेपर लीक की आशंका और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए।

छात्रों और शिक्षकों का बड़ा सवाल यह है कि TCS जैसे प्रतिष्ठित वेंडर को हटाकर एडुक्विटी को परीक्षा संचालन क्यों सौंपा गया, जबकि यह कंपनी पहले से काली सूची में रही है?

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष रौनक खत्री ने दावा किया कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं थी और सरकार ने एक संदिग्ध कंपनी को जिम्मेदारी सौंप दी।

छात्रों की प्रमुख मांगें:
    1.    परीक्षा में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए।
    2.    रद्द की गई परीक्षा को दोबारा कराया जाए।
    3.    एडुक्विटी जैसे वेंडर की समीक्षा हो और नई चयन प्रक्रिया हो।
    4.    पेपर लीक और तकनीकी गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच हो।
    5.    लाठीचार्ज के दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।


खान सर का गुस्सा साफ झलकता है –
“हम अपने लिए नहीं लड़ रहे, हम बच्चों का भविष्य बचाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस का व्यवहार शिक्षकों के साथ बेहद अमानवीय था। एक ब्लैकलिस्टेड संस्था को SSC ने टेंडर कैसे दे दिया, इसका जवाब कौन देगा?”

उनकी यह प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और लाखों छात्रों के बीच एकजुटता का प्रतीक बन चुकी है।
 

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