बिहार में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के चुनाव आयोग मार्च पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर संविधान विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है, लेकिन विपक्ष इसे बहाना बनाकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश देख रहा है कि जो लोग लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का काम कर रहे हैं, उनकी अगुवाई राहुल गांधी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और इसे लेकर विपक्ष का शोर-शराबा केवल जनता को गुमराह करने की सोची-समझी रणनीति है।
भाजपा नेता ने विपक्ष को सलाह दी कि वे सड़क पर मार्च निकालने के बजाय संसद में मुद्दे उठाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान भी विपक्ष के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं था।
प्रधान ने कांग्रेस पर लगातार ईवीएम को लेकर झूठ फैलाने और चुनावी प्रक्रिया पर अविश्वास पैदा करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी हार के डर से जनभावनाओं को भड़काने में जुटा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है।
भाजपा का आरोप है कि यह सब विपक्ष की सोची-समझी चाल है, जिससे जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा सके और देश में अस्थिरता का माहौल बनाया जा सके। प्रधान ने कहा कि जनता अब इन चालों को समझ चुकी है और लोकतंत्र में अराजकता फैलाने वालों को जवाब देगी।