TMC नेता कुणाल घोष ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने के लिए लड़ रहे हैं कि हर एक वैध वोटर का नाम वोटर लिस्ट में बना रहे, लेकिन हम एक कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। BJP किसी घटना को अंजाम देने की साज़िश रच रही है। चुनाव आयोग BJP का है; जिन लोगों ने ऐसी घटना को भड़काने के लिए यह स्थिति पैदा की है, वे भी BJP की 'B-टीम' या 'C-टीम' हैं.हम इस घटना का विरोध करते हैं.यह BJP की एक चाल है; इसके झांसे में न आएं
कुणाल घोष जो All India Trinamool Congress (टीएमसी) के प्रमुख नेताओं में से एक हैं, ने हाल ही में यह बयान दिया कि उनकी पार्टी हर एक वैध मतदाता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रही है कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाया न जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है।
घोष के अनुसार, कई स्थानों पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे लोगों के मतदान के अधिकार पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी रास्ता अपना रही है और अदालतों के माध्यम से न्याय पाने की कोशिश कर रही है। इस संदर्भ में उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी ने संबंधित दस्तावेज और सबूत जुटाकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को चुनौती दी जा सके। घोष ने Election Commission of India की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आयोग को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करना चाहिए, जिससे हर पात्र मतदाता का नाम सूची में बना रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में प्रशासनिक लापरवाही या जानबूझकर की गई कार्रवाइयों के कारण लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
साथ ही, उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने नाम की जांच करें और यदि कोई समस्या हो तो तुरंत संबंधित अधिकारियों या पार्टी से संपर्क करें। घोष ने यह भी कहा कि यह लड़ाई केवल टीएमसी की नहीं बल्कि हर उस नागरिक की है जो लोकतंत्र में विश्वास रखता है और अपने मतदान के अधिकार को सुरक्षित रखना चाहता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी अंत तक इस मुद्दे पर संघर्ष करेगी और हर संभव कानूनी उपाय अपनाएगी ताकि किसी भी वैध मतदाता को उसके अधिकार से वंचित न किया जा सके।