देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। मौसम इस वक्त कुदरत के दो अलग-अलग रंगों की चपेट में है। एक तरफ उत्तर भारत जहांपर जबरदस्त ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन की रफ्तार धीमी हुई, तो वहीं दूसरी तरफ दक्षिण भारत है, जहां बंगाल की खाड़ी में उठे एक दबाव के कारण भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। इन दिनों कश्मीर की डल झील जमने लगी है, दिल्ली में रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है और दक्षिण के राज्यों में समंदर उफान पर है। अगले एक हफ्ते तक मौसम को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत में इस समय सूरज और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल जारी, पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद अब मैदानी इलाकों में हड्डियां गलाने वाली ठंड पड़ रही है। IMD की ताज़ा रिपोर्ट डराने वाली है पूर्वोत्तर भारत, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के पहाड़ी इलाकों में भी अगले 2-3 दिनों तक सुबह के वक्त घना कोहरा छाए रहने की प्रबल आशंका है। यहां यातायात और उड़ानों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक के कुछ इलाकों में 10-11, हिमाचल प्रदेश में अब शीतलहर बढ़ने लगी है. ऐसे में अब प्रदेश के कई जगहों का न्यूनतम तापमान काफी कम हो गया है. इस दौरान मंडी, कांगड़ा, हमीरपुर में भीषण शीतलहर देखी गई और बिलासपुर, पालमपुर और नेरी में शीतलहर देखने को मिली. वहीं मैदानी इलाकों में कोहरा छाया रहा. इधर 25 शहरों में न्यूनतम पारा लगभग 5 डिग्री से कम दर्ज किया गया. कुल मिलाकर, जनवरी का यह हफ्ता पूरे भारत के लिए भारी पड़ने वाला है। उत्तर में कोहरे का पहरा है, तो हिमाचल की पहाड़ियों से आ रही शीतलहर ने मैदानी इलाकों को कंपा दिया है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि जरूरत होने पर ही घर से निकलें और वाहन चलाते समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।