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Venezuela Earthquake: मलबे के नीचे महिला ने दिया बच्चे को जन्म। woman gives birth during earthquake

Sat, 27 Jun 2026 09:39 AM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

वेनेजुएला इतिहास की सबसे भीषण प्राकृतिक त्रासदियों में से एक का सामना कर रहा है। दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश में ऐसी तबाही मचाई है कि अब तक 920 लोगों की मौत हो चुकी है, 3,360 से ज्यादा लोग घायल हैं और 50 हजार से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन मलबे के नीचे सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है। इसी तबाही के बीच मलबे में दबी एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म देकर पूरी दुनिया को उम्मीद और हौसले का संदेश दिया है। वहीं भारत भी संकट की इस घड़ी में मदद के लिए आगे आया है।

वेनेजुएला में आए दो भीषण भूकंपों ने शहरों को मलबे में बदल दिया है। सैकड़ों इमारतें धराशायी हो चुकी हैं और हजारों परिवार बेघर हो गए हैं। राहत एजेंसियां लगातार मलबा हटाकर जीवित लोगों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन समय बीतने के साथ चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। अस्पतालों पर भारी दबाव है और प्रभावित इलाकों में भोजन, पानी और दवाइयों की कमी महसूस की जा रही है।

इस भीषण तबाही के बीच राजधानी काराकस से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। मलबे में फंसी एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जब राहतकर्मी उसके पास पहुंचे तो हालात बेहद चुनौतीपूर्ण थे। मेडिकल टीम ने मौके पर ही आवश्यक इंतजाम किए और मलबे के नीचे ही सुरक्षित प्रसव कराया। महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। राहत की बात यह रही कि मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग महिला के साहस तथा बचाव दल की तत्परता की जमकर सराहना कर रहे हैं।

मानवीय संकट के इस दौर में भारत ने भी वेनेजुएला की मदद के लिए तेजी से कदम बढ़ाया है। 'ऑपरेशन अमिस्ताद' के तहत भारतीय वायुसेना के दो विमानों से 41 सदस्यीय मेडिकल टीम को राहत कार्यों के लिए रवाना किया गया है। विदेश मंत्रालय ने इस दल के साथ करीब छह टन चिकित्सा सामग्री और अन्य मानवीय राहत सामग्री भी भेजी है। गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से रवाना हुई यह टीम प्रभावित इलाकों में घायलों का इलाज करेगी और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत अभियान में सहयोग देगी।

भारत ने अपनी अत्याधुनिक आपदा राहत प्रणाली 'भीष्म क्यूब' भी वेनेजुएला भेजी है। इस पोर्टेबल चिकित्सा प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बेहद कम समय में स्थापित किया जा सकता है और यह लगभग 200 मरीजों को तत्काल उपचार एवं जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सक्षम है। प्राकृतिक आपदाओं और बड़े मानवीय संकटों के दौरान त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित यह प्रणाली भारत की आधुनिक आपदा प्रबंधन क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जाती है।

'ऑपरेशन अमिस्ताद' केवल राहत अभियान नहीं, बल्कि वैश्विक मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना के साथ भारत ने एक बार फिर दुनिया को संदेश दिया है कि संकट की घड़ी में वह हर जरूरतमंद देश के साथ खड़ा है। उम्मीद है कि भारतीय मेडिकल टीम, राहत सामग्री और भीष्म क्यूब हजारों प्रभावित लोगों के लिए नई उम्मीद लेकर आएंगे और वेनेजुएला के पुनर्वास प्रयासों को मजबूती देंगे।

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