वेनेजुएला में अमेरिका ने जो किया, उसे दुनिया के कुछ देश 'ऑपरेशन' कह रहे है, लेकिन कानून के जानकार इसे 'अंतरराष्ट्रीय अपराध' करार दे अमेरिका में ही न्यूयार्क के मेयर ने भी इसे कानून का उलँघन बताया है। डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो को गिरफ्तार करके एक ऐसा 'पेंडोरा बॉक्स' खोल दिया है, जो भविष्य में खतरनाक साबित हो सकता है। जरा सोचिए... अगर कल को रूस या फिर चीन किसी पश्चिमी देश के राष्ट्रपति को ऐसे ही उठा ले जाएं, तो क्या अमेरिका चुप रहेगा? एक संप्रभु देश Sovereign Nation के राष्ट्रपति को हथकड़ी लगाना क्या UN के चार्टर में इसकी इजाजत है? या फिर डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ा दी हैं? कानून क्या है पीछे की वजह क्या है चलिए बताते है आगे बढ़े उससे पाले इस पूरे मामलें में एक नजर डाल लीजिए बीते दिनों ट्रंप ने अचानक वेनेजुएला पर हमला बोला और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो उनकी पत्नी को गिरफ्तार करवाकर न्यूयार्क ले आए अब सत्ता से हटाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतरिम सरकार को धमकाना शुरू कर दिया है। निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद देश में राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल मची हुई है। सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई आधी रात के समय की गई, जब दंपती मिलिट्री बेस पर बने अपने घर पर सो रहे थे। अचानक हुए इस सैन्य ऑपरेशन में उन्हें बिस्तर से उठाकर कब्जे में लिया गया। यह छापा अमेरिकी सेना की विशेष इकाई डेल्टा फोर्स द्वारा अंजाम दिया गया। अब इसको लेकर कई देशों ने निंदा की कानून का उलंघन बताया। ऐसे में अगर कनून पर नजर डाले तो अंतरराष्ट्रीय कानून का सबसे पहला नियम है 'Sovereign Immunity' (संप्रभु उन्मुक्ति)। इसके तहत, जब तक कोई व्यक्ति किसी देश का राष्ट्रपति (Head of State) है, उसे दूसरे देश की पुलिस या अदालत छू भी नहीं सकती। चाहे उसने कितना भी बड़ा गुनाह क्यों न किया हो, उसे गिरफ्तार करना 'युद्ध की घोषणा' माना जाता है। लेकिन अमेरिका ने मादुरो को हथकड़ी पहनाकर इस नियम को कूड़ेदान में डाल दिया है।"