ईरान और इस्राइल के बीच शुरू हुई जंग अब बढ़ती ही जा रही है अब इस जंग के और भीषण होने के आसार हैं क्योंकि इस जंग में अमेरिका भी कूद गया है। अमेरिका ने रविवार को ईरान पर हमला किया और ईरान के तीन परमाणु स्थलों को निशाना बनाया। इसकी पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी समयानुसार रात 10 बजे राष्ट्र को संबोधित किया है।
ईरान पर हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का संबोधन हुआ जिसमे ट्रंप ने कहा कि, ईरान को दी युद्ध रोकने की चेतावनी, वरना अंजाम होगा बुरा, ''ईरान के पास अभी भी समय, रुक जाए वरना और तबाही मचेगी, ईरान कहां क्या रखा है अमेरिका को सब पता है, अमेरिका का ऐसा हमला दुनिया ने कई दशकों से नहीं देखा था. हमने ईरान के 3 न्यूक्लियर साइट तबाह किए. अमेरिका की सेना दुनिया की सबसे बेहतरीन सेना है''
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया "हमने ईरान में तीन परमाणु स्थलों पर अपना बहुत ही सफल हमला पूरा कर लिया है, जिसमें फोर्डो, नतांज़ और एस्फाहान शामिल हैं। सभी विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर हैं। प्राथमिक स्थल, फोर्डो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया। सभी विमान सुरक्षित रूप से अपने घर की ओर जा रहे हैं। हमारे महान अमेरिकी योद्धाओं को बधाई। दुनिया में कोई और सेना नहीं है जो ऐसा कर सकती थी। अब शांति का समय है! इस मुद्दे पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद।"
इस्राइल-ईरान युद्ध में शामिल होकर अमेरिका ने यह कदम तब उठाया है जब अमेरिका ने अपने सबसे घातक लड़ाकू विमान बी-2 स्टील्थ बमवर्षक विमान को गुआम के एंडरसन एयरबेस पर तैनाती के लिए भेजा है। कहा जा रहा है कि इस बमवर्षक का असली ठिकाना हिंद महासागर में स्थित द्वीप डिएगो गार्सिया एयरबेस है, जहां से अमेरिका ने इराक पर हमले किए थे।माना जा रहा है कि ईरान के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले फोर्डो परमाणु स्थल को तबाह करने के लिए इसे भेजा गया है। यह परमाणु स्थल जमीन में करीब 90 मीटर नीचे है, जिसे तबाह करने में बी-2 स्टील्थ बमवर्षक ही सक्षम है।