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Trump Davos Plane Glitch: US से दावोस जा रहे ट्रंप का विमान बीच रास्ते से क्यों लौटा वापस?

Wed, 21 Jan 2026 03:50 PM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान एयर फोर्स वन को मंगलवार शाम स्विट्जरलैंड के लिए उड़ान भरने के करीब एक घंटे बाद वापस लौटना पड़ा। यह विमान जॉइंट बेस एंड्रयूज से रवाना हुआ था, लेकिन उड़ान के दौरान आई मामूली विद्युत तकनीकी खराबी के चलते एहतियातन उसे वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में ही वापस उतार लिया गया। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला पूरी तरह सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया और किसी तरह का बड़ा खतरा नहीं था।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि उड़ान के कुछ समय बाद विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी एक छोटी तकनीकी समस्या सामने आई। इसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एयर फोर्स वन को वापस बुलाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित थे और स्थिति को नियंत्रित तरीके से संभाला गया।

विमान में मौजूद एक पत्रकार के अनुसार, टेकऑफ के कुछ देर बाद प्रेस केबिन की लाइट्स कुछ समय के लिए बंद हो गई थीं। उस वक्त यात्रियों को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी, जिससे कुछ देर के लिए असमंजस की स्थिति बनी। हालांकि उड़ान के लगभग आधे घंटे बाद पत्रकारों को सूचित किया गया कि विमान वापस लौट रहा है। इसके बाद एयर फोर्स वन को सुरक्षित रूप से जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उतार लिया गया।

वापसी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनके दल ने बैकअप विमान से स्विट्जरलैंड के दावोस के लिए उड़ान भरी। इस बदलाव से ट्रंप के कार्यक्रम में कोई बड़ा व्यवधान नहीं पड़ा और उनकी यात्रा तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रही। व्हाइट हाउस ने यह भी साफ किया कि तकनीकी समस्या मामूली थी, लेकिन राष्ट्रपति की सुरक्षा के मामले में कोई जोखिम नहीं लिया जा सकता।

यह दौरा इसलिए भी अहम है, क्योंकि दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप की यह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में पहली प्रत्यक्ष भागीदारी है। दावोस में आयोजित इस वैश्विक मंच पर ट्रंप अमेरिकी नीतियों, अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपना दृष्टिकोण रखने वाले हैं। रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका में गैस की कीमतें कम हैं और अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है। उन्होंने संकेत दिया कि वैश्विक मंच पर वे अमेरिका की आर्थिक प्राथमिकताओं को मजबूती से रखेंगे।

एयर फोर्स वन को लेकर एक और दिलचस्प पहलू भी चर्चा में है। फिलहाल राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल हो रहे दोनों एयर फोर्स वन विमान करीब चार दशक पुराने हैं। बोइंग इन विमानों के नए संस्करण तैयार कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लगातार देरी का सामना कर रही है। ये विमान सामान्य हवाई जहाज नहीं, बल्कि उड़ता हुआ कमांड सेंटर माने जाते हैं। इनमें रेडिएशन शील्डिंग, एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम और अत्याधुनिक संचार सुविधाएं होती हैं, ताकि राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी कोने से अमेरिकी सैन्य कमान से संपर्क बनाए रख सकें।

गौरतलब है कि पिछले साल कतर के शाही परिवार ने ट्रंप को एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट उपहार में दिया था। इसे एयर फोर्स वन के बेड़े में शामिल करने को लेकर काफी बहस हुई थी। फिलहाल यह विमान अमेरिकी सुरक्षा मानकों के अनुरूप बदले जाने की प्रक्रिया में है। इसी संदर्भ में प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इस वक्त कतर का जेट “काफी बेहतर विकल्प” लग रहा है।

उधर, दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 56वीं वार्षिक बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 वैश्विक नेता, नीति निर्माता, उद्योगपति और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और तेज तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे में ट्रंप की मौजूदगी और उनके बयान वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डाल सकते हैं।

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