पश्चिम बंगाल की सियासत में टीएमसी के भीतर मचे घमासान पर अब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की भी एंट्री हो गई है। ओवैसी ने टीएमसी के बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने उन नेताओं पर निशाना साधा, जो कभी 'दिल में मदीना और आंख में काबा' की बात करते थे, लेकिन आज बीजेपी के साथ बैठने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं, ओवैसी ने बागी सांसदों को बीजेपी और आरएसएस की कठपुतलियां करार दिया और समाजवादी पार्टी तथा अखिलेश यादव पर भी जमकर हमला बोला। बहराइच की जनसभा से उन्होंने यूपी की राजनीति में बड़ा दावा भी कर दिया।
उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने टीएमसी के बागी सांसदों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो नेता कल तक 'दिल में मदीना, आंख में काबा' की बातें करते थे, वही आज 'बाबा' के साथ बैठकर चाय पी रहे हैं। ओवैसी ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने कभी बंगाल को काबा की जमीन नहीं बनने देने की बात कही थी, वे आज अपनी राजनीतिक सुविधाओं के लिए पूरी तरह बदल चुके हैं।
ओवैसी ने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि ये नेता बीजेपी और आरएसएस की कठपुतलियां हैं और एक राजनीतिक झटके में उन्होंने अपना सिर झुका दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव और राजनीतिक अवसरवाद के चलते ये नेता बीजेपी के साथ खड़े हो गए हैं।
टीएमसी के बागियों पर हमला बोलने के साथ-साथ ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि जब टीएमसी के सांसद दूसरी तरफ चले गए तो कोई सवाल नहीं उठाता, लेकिन जब असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अधिकारों की बात करते हैं तो लोगों को परेशानी होने लगती है।
ओवैसी ने कहा कि उनकी राजनीति किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने समाज को राजनीतिक नेतृत्व देने के लिए है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का नौजवान जाग चुका है और अपनी सियासी भागीदारी को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गया है।
बहराइच और मटेरा की जनता से अपील करते हुए ओवैसी ने कहा कि लोग एआईएमआईएम का साथ दें, क्योंकि उनकी पार्टी अपने सिद्धांतों और लोगों की मोहब्बत का सौदा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वह मर जाना पसंद करेंगे, लेकिन अपने ईमान और जनता के भरोसे से समझौता नहीं करेंगे।
इसके साथ ही ओवैसी ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस बार यूपी में इत्तेहाद का इंकलाब होगा और समाज के नौजवानों की मेहनत से उनके अपने प्रतिनिधि विधानसभा तक पहुंचेंगे।
ओवैसी ने समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं, खासकर यासर शाह और उनके परिवार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बहराइच और मटेरा की जनता ने वर्षों तक वफादारी के साथ वोट दिया, लेकिन बदले में इलाके को क्या मिला? उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में न तो पर्याप्त विकास हुआ और न ही बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ। यहां तक कि एक बड़ा अस्पताल तक नहीं बन सका।
यानी बंगाल में टीएमसी की बगावत की गूंज अब उत्तर प्रदेश की सियासत तक पहुंच गई है। ओवैसी ने इस मुद्दे के बहाने टीएमसी के बागियों, बीजेपी और समाजवादी पार्टी तीनों पर एक साथ निशाना साधा है। साथ ही यूपी चुनाव में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने और नए सामाजिक समीकरण बनाने का भी संकेत दे दिया है।