बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपने चुनावी वादों से राज्य की सियासत में गर्मी ला रहे हैं। तेजस्वी ने बुधवार को कहा कि “बिहार के लोगों ने बदलाव का मन बना लिया है। गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी से जनता परेशान है।” उन्होंने दावा किया कि “नीतीश सरकार हमारे घोषणापत्र की नकल कर रही है, लेकिन जनता असली और नकली में फर्क जानती है।”
तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार की महिलाओं को 10 हजार रुपये देने की योजना पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि “यह राशि उधार के तौर पर दी जा रही है, चुनाव के बाद वसूली की जाएगी।” तेजस्वी बोले, “हमारी सरकार बनते ही जिन परिवारों में एक भी सरकारी नौकरी नहीं है, उनके एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह वादा सरकार बनने के 20 दिन के भीतर लागू होगा।”
तेजस्वी यादव ने बिहार की लाखों जीविका दीदियों के लिए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि “अब उनका शोषण नहीं होगा। हमारी सरकार बनते ही उन्हें सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि जीविका दीदियों को शुरुआती ₹30,000 वेतन और ₹2,000 मासिक अतिरिक्त भत्ता मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें दो साल के लिए ब्याज-मुक्त ऋण, अब तक के सभी कर्जों पर ब्याज माफी, और ₹5 लाख का बीमा कवर देने की भी घोषणा की गई। तेजस्वी ने कहा, “हम जीविका दीदियों को सम्मान और सुरक्षा दोनों देंगे। वे बिहार की ताकत हैं, और अब उनका हक उन्हें मिलेगा।”
तेजस्वी यादव ने मंच से एक नई योजना का ऐलान किया “एमएए योजना”। उन्होंने समझाया कि इसका मतलब है एम से महिला, ए से अन्न और ए से आवास। तेजस्वी ने कहा कि “हम माताओं और बहनों को अन्न और आवास देने की जिम्मेदारी लेंगे। कोई भी महिला भूखी या बेघर नहीं रहेगी।”
तेजस्वी यादव ने संविदा कर्मियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को भी अपने चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया। उन्होंने कहा कि “उर्मिला और बेल्ट्रॉन के माध्यम से काम कर रहे दो लाख से अधिक संविदाकर्मियों को स्थायी किया जाएगा।” तेजस्वी बोले, “अब संविदाकर्मी न तो शोषित होंगे, न असुरक्षित। उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक तनाव से मुक्त किया जाएगा।”
इस बार राजद ने 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। तेजस्वी यादव वैशाली जिले की राघोपुर सीट से मैदान में हैं, जो उनका पारंपरिक गढ़ माना जाता है। राजद ने 24 महिलाओं को टिकट दिया है और अपने पारंपरिक वोट बैंक का ध्यान रखते हुए 50 यादव और 18 मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। वहीं पार्टी ने 76 विधायकों में से 31 को टिकट से बाहर कर दिया है, जिससे संगठन में नए चेहरों को मौका मिला है।
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि “यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, सोच और सिस्टम बदलने का है।” उन्होंने जनता से अपील की “बिहार अब ठहराव नहीं, बदलाव चाहता है। और हम उस बदलाव की शुरुआत करने जा रहे हैं।”