कभी कलकल बहने वाली जीवनदायिनी कृष्णा और हिंडन अब काल बन गई हैं। वेस्ट यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, गाजियाबाद और मेरठ के सैकड़ों गांव दोनों नदियों के प्रदूषित जल से प्रभावित हैं। नदी किनारे बसे गांवों में विकलांगता के मामले तो है ही, साथ ही कैंसर से मरने वालों की संख्या भी दिनों दिन बढ़ रही है। एनजीटी ने सख्ती दिखाई तो प्रशासन और सरकार हरकत में आई है। 28 अक्टूबर को प्रशासन को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।