दो साल में 4 बच्चों को पानी में डुबोकर मारने वाली 32 साल की एक औरत जिसका नाम पूनम है उसकी खुद की कहानी भी बड़ी अजीब है। लेकिन 32 साल की ये औरत साइको किलर कैसे बनी और उसे बच्चों की हत्या करने के बाद क्या मजा आता था। क्या उसके हाथ नहीं कांपते होंगे। ऐसे कई सवाल हैं जो अभी भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन पूनम की जो कहानी सामने आती है वो पानीपत से शुरु होती है। यही पर है एक गांव जिसका नाम है सिवाह। सिवाह की रहने वाली पूनम पढ़ी लिखी है। उसने पॉलिटिकल साइंस से एमएए किया है। पूनम की शादी साल 2019 में सोनीपत के ही रहने वाले नवीन के साथ हुई। शादी के 2 साल तक सब ठीक था। पहला बेटा हुआ। उसके बाद पूनम के हाव-भाव बदलने लगे। वो अक्सर कहती थी कि उसपर साया है। किसी तांत्रिक को दिखा दो। इस पर ससुराल के लोग उसे उत्तर कैराना में रहने वाले एक तांत्रिक के पास ले आए थे। तांत्रिक का कहना है कि पूनम वहां सिर्फ एक बार आई। धीरे-धीरे पूनम सनकती चली गई। पूनम के भीतर सुंदर बच्चों को देखकर एक अजीब-सी नफरत जन्म लेने लगी। उसने साफ बताया कि उसे ये बर्दाश्त नहीं होता था कि कोई बच्चा उससे ज्यादा सुंदर दिखे और इसी जलन ने उसे 'साइको किलर' में बदल दिया. पूनम ने 2 साल में अपने तीन साल के बेटा शुभम और तीन भतीजियों को मार डाला। पूनम के भीतर ऐसा सनक थी कि उसे बच्चों को पानी में डूबते देखना “सुकून देने वाला” लगता था। उसने पुलिस के सामने साफ शब्दों में कहा कि जैसे-जैसे बच्चा तड़पता, उसे ऐसा लगता जैसे दिल का बोझ उतर रहा हो। उसने ये भी कहा कि पानी में डुबोने से 100% मौत सुनिश्चित होती है और बच्चे शोर भी नहीं मचाते।