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SIR Controversy : SIR प्रक्रिया पर TMC ने चुनाव आयोग पर फिर बोला हमला, लगाया ये गंभीर आरोप!

Thu, 08 Jan 2026 06:45 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

राज्य में एसआईआर प्रक्रिया पर टीएमसी नेता कुणाल घोष कहते हैं, "यहां एसआईआर के नाम पर पूरी तरह से उत्पीड़न हो रहा है। भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को पूरा करने के लिए, चुनाव आयोग वैध मतदाताओं को वर्तनी की गलतियों जैसी छोटी-छोटी बातों पर परेशान कर रहा है.बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को बुलाया जा रहा है.नागरिकों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों को स्वीकार किया जा रहा है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए कोई रसीद नहीं दी जा रही है। सब कुछ बहुत संदिग्ध है.चुनाव आयुक्त को लगता है कि अगर वह भाजपा के इस एजेंडे को पूरा कर देगा, तो प्रधानमंत्री मोदी उसे नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित करेंगे; इसीलिए अमर्त्य सेन को भी निशाना बनाया गया। उन्हें नोटिस भेजा गया। बंगाली अभिनेता दीपक अधिकारी को नोटिस दिया गया। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी नहीं बख्शा गया।"

टीएमसी नेता और प्रवक्ता कुणाल घोष ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शुरू की गई SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यह प्रक्रिया पश्चिम बंगाल सहित 12 राज्यों में मतदाता सूचियों को शुद्ध करने और "अवैध" या "दोहरे" मतदाताओं के नाम हटाने के लिए शुरू की गई है। कुणाल घोष का सबसे महत्वपूर्ण बयान यह है कि "एक भी योग्य या वैध मतदाता का नाम सूची से नहीं कटना चाहिए।" उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रक्रिया के नाम पर आम जनता या वैध मतदाताओं को परेशान किया गया, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर 1 लाख कार्यकर्ताओं के साथ विशाल विरोध प्रदर्शन करेगी।

कुणाल घोष ने इस पूरी प्रक्रिया की टाइमिंग और मंशा पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग इस काम में बहुत जल्दबाजी कर रहा है और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) पर अनुचित दबाव डाला जा रहा है। घोष का कहना है कि पिछली बार इसी तरह की प्रक्रिया में दो साल का समय लगा था, लेकिन इस बार इसे मात्र दो महीनों में पूरा करने की कोशिश की जा रही है, जो कि भाजपा के चुनावी हितों को साधने का एक प्रयास हो सकता है। उन्होंने पार्टी समर्थकों और बंगाल की जनता से अपील की है कि वे किसी भी "भाजपा के जाल" में न फंसें और सतर्क रहें।

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