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Shivsena (UBT) Split: क्या फडणवीस को दरकिनार करने की तैयारी में BJP? Uddhav का दावा! Maharashtra

Sun, 28 Jun 2026 08:56 PM IST
Adarsh Jha अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

क्या फडणवीस को दरकिनार करने की तैयारी में BJP? उद्धव ठाकरे ने क्यों किया ये बड़ा दावा? उद्धव ने क्यों किया 'ऑपरेशन देवेंद्र' का जिक्र? ये तमाम सावल हैं जो एक बयान के बाद से उठने लगे हैं। इन सवालों के पीछे की वजह क्या है? क्या वाकई फडणवीस को साइड्लाइन करने की योजना बन रही है अगर बन रही है तो क्यों? इसके पीछे जो दावा किया गया है वो आपको इस वीडियो में बताएंगे। 

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी संग्राम तेज हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह लोकसभा सांसदों पर बड़ा हमला बोला है। परभणी की रैली से उद्धव ने इन सांसदों को तत्काल अयोग्य घोषित करने की मांग की। इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए इसे 'ऑपरेशन देवेंद्र' का नाम दिया। राम मंदिर के चढ़ावे के कथित विवाद को लेकर भी उन्होंने भाजपा पर तीखे तंज कसे।

परभणी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए छह सांसदों का दलबदल सिर्फ राजनीतिक विद्रोह नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की कि दलबदल विरोधी कानून के तहत इन सांसदों को तत्काल अयोग्य घोषित किया जाए। उद्धव ने कहा कि अगर देश में कानून का शासन है तो नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें लोकसभा अध्यक्ष पर भरोसा है कि वे कानून के अनुसार फैसला करेंगे।

अपने भाषण में उद्धव ठाकरे ने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अपने ही राज्य स्तरीय नेताओं को आगे बढ़ने से रोकती है। इसी संदर्भ में उन्होंने 'ऑपरेशन देवेंद्र' का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी धीरे-धीरे किनारे किया जा रहा है। ठाकरे ने कहा कि भाजपा पहले भी कई बड़े नेताओं के साथ ऐसा कर चुकी है और अब वही रणनीति फडणवीस पर लागू की जा रही है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नितिन गडकरी का भी उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा संभावित बड़े नेताओं के राजनीतिक कद को सीमित करने की कोशिश करती है।

राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा को 'बाबर जनता पार्टी' बताते हुए आरोप लगाया कि जो पार्टी राम मंदिर के नाम पर राजनीति करती रही, वही अब मंदिर का राजनीतिक और आर्थिक इस्तेमाल कर रही है। ठाकरे ने कहा कि बाबर ने मंदिर तोड़ा था और अब मंदिर के नाम पर राजनीति करने वाले लोग उसकी आस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

उद्धव ठाकरे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके साथ गए सांसदों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा-नीत गठबंधन में शिंदे का भविष्य सुरक्षित नहीं है और समय आने पर उन्हें भी किनारे कर दिया जाएगा। ठाकरे ने बागी सांसदों की संपत्ति और निजी विमानों में उनकी यात्राओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इतनी संपत्ति कहां से आई। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान संकट में थे, तब ये सांसद जनता के बीच नहीं दिखाई दिए।

अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा से नहीं भटकी है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी ने भाजपा से अधिक लोकसभा सीटें जीतकर साबित कर दिया कि जनता अब भी उनके साथ है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदुत्व को राजनीतिक जरूरत के हिसाब से अपनाया, जबकि शिवसेना की विचारधारा शुरू से स्पष्ट रही है।

छह सांसदों के दलबदल के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। अब सबकी नजर लोकसभा अध्यक्ष के संभावित फैसले और भाजपा-शिवसेना गठबंधन की अगली राजनीतिक रणनीति पर टिकी है। आने वाले दिनों में यह विवाद राज्य की राजनीति को और गर्मा सकता है।

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