झामुमो सुप्रीमो दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. देशभर से लोग उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. गुरु जी के निधन के बाद झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र अनिश्चित काल के लिए स्थगित किया गया है. साथ ही तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है. झारखंड के भी तमाम नेता-मंत्री गुरु जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन को बड़ी क्षति बताते हुए दुःख व्यक्त किया और गुरु जी को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा “जनता, विशेषकर आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए किये उनके कामों को सदैव याद रखा जाएगा,”
राज्यपाल संतोष गंगवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा “पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं पीड़ादायक है. राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा. शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें.”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुजी को श्रद्धांजलि अर्पित कर कहा, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के वरिष्ठ नेता शिबू सोरेन जी के निधन का समाचार सुनकर गहरा दुख हुआ. आदिवासी समाज की मज़बूत आवाज़, सोरेन जी ने उनके हक़ और अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष किया। झारखंड के निर्माण में उनकी भूमिका को हमेशा याद रखा जाएगा. हेमंत सोरेन जी और पूरे सोरेन परिवार के साथ-साथ गुरुजी के सभी समर्थकों को गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं.”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरु जी के निधन पर दुःख जताते हुए लिखा “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक, शिबू सोरेन जी के निधन से मैं दुःखी हूं. उन्होंने अलग झारखंड प्रदेश और वहां के लोगों के जल, जंगल, जमीन के अधिकार और आदिवासी संस्कृति के संरक्षण के लिए आजीवन संघर्ष किया.”