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Sadhvi Prem Baisa Death News: साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु पर एसीपी छवि शर्मा को मिले सुराग, जांच शुरू!

Fri, 30 Jan 2026 07:00 AM IST
भास्कर तिवारी वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम

साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु पर एसीपी छवि शर्मा ने कहा, "उनके पिता ने बताया कि पिछली रात उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए उन्होंने एक निजी कंपाउंडर को बुलाया था.कंपाउंडर द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी तबीयत और बिगड़ गई और उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.मेडिकल बोर्ड पोस्टमार्टम कर रहा है.उन्होंने यह भी कहा, "हमें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट तक किसकी पहुंच थी और हम इसकी जांच कर रहे हैं।"

साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु की खबर ने समाज के धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है, क्योंकि वे केवल एक साध्वी ही नहीं बल्कि सेवा, त्याग और करुणा की जीवंत मिसाल थीं; उनके निधन से न केवल उनके अनुयायियों बल्कि उन असंख्य लोगों को गहरा आघात पहुंचा है, जिन्होंने उनके सान्निध्य में आध्यात्मिक शांति, नैतिक मार्गदर्शन और मानव सेवा की प्रेरणा पाई थी। साध्वी प्रेम बाईसा अपने सरल जीवन, सौम्य व्यवहार और समाज के प्रति समर्पित दृष्टिकोण के लिए जानी जाती थीं, उन्होंने जीवनभर आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ गरीबों, असहायों और जरूरतमंदों की सेवा को अपना प्रमुख उद्देश्य बनाए रखा और यही कारण था कि वे विभिन्न वर्गों में समान रूप से सम्मानित थीं। उनके प्रवचनों और विचारों में प्रेम, अहिंसा, सहिष्णुता और मानवता का संदेश स्पष्ट रूप से झलकता था, जिससे लोग न केवल धार्मिक रूप से बल्कि नैतिक रूप से भी सशक्त महसूस करते थे। 

साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन यह सिखाता है कि सच्ची साधना केवल ध्यान और तप तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के दुख-दर्द को समझकर उसके समाधान में योगदान देना ही वास्तविक अध्यात्म है। उनके निधन पर अनेक सामाजिक, धार्मिक और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जाना एक ऐसी रिक्तता छोड़ गया है जिसे भर पाना आसान नहीं होगा, क्योंकि वे विचारों और कर्मों दोनों से लोगों को जोड़ने वाली व्यक्तित्व थीं। उनके अनुयायियों के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा ने हमेशा भौतिक सुख-सुविधाओं से दूर रहकर सादा जीवन और उच्च विचारों का पालन किया और यही कारण है कि उनका जीवन आज भी लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा। भले ही वे शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनके उपदेश, सेवा कार्य और मानवता के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देते रहेंगे। साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु एक अपूरणीय क्षति है, किंतु उनके द्वारा बोए गए प्रेम, सेवा और सद्भाव के बीज समाज में लंबे समय तक फलते-फूलते रहेंगे और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

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