साल 2002 में रामनवमी के दिन जिस हिंदू युवा वाहिनी को यूपी के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थापित किया था अब उसी हिंदू युवा वाहिनी से RSS जैसे पुराने हिंदूवादी संगठन को डर लगने लगा है। वजह है कि पहले जहां हिंदू युवा वाहिनी में शामिल होने के लिए युवाओं के 500 के करीब आवेदन आते थे वहीं अब ये आंकड़ा बढ़कर 10 गुना हो गया है।