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Ram Mandir Donation Scam:चढ़ावा चोरी पर संघ के बयान पर भड़के अजय राय, जमकर सुनाया खरी- खोटी!

वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Updated Sat, 04 Jul 2026 04:00 AM IST

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दानपेटियों से कथित चोरी की घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना पर गहरा दुख और नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि पीढ़ियों के संघर्ष, करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग और बलिदान से निर्मित भव्य राम मंदिर पूरे हिंदू समाज की आस्था और श्रद्धा का सर्वोच्च केंद्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र और पूजनीय स्थल पर चोरी जैसी घटना होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसने देशभर के रामभक्तों और हिंदू समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। होसबाले ने इस मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे। 

उनका कहना था कि राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है, इसलिए उसकी सुरक्षा और पवित्रता बनाए रखना सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। वहीं, इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार और संघ पर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आरएसएस की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद अब संघ की नींद खुली है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह मामला अब नया नहीं रहा, बल्कि लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अजय राय ने कहा कि जब घटना सामने आई और लगातार इस पर सवाल उठ रहे थे, तब संघ की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने आरोप लगाया कि अब जब पूरे देश में इस मुद्दे पर चर्चा होने लगी और लोगों के बीच दानपेटियों में हुई चोरी को लेकर नाराजगी बढ़ी, तब संघ बयान और वीडियो जारी कर अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल बयान देने या वीडियो जारी करने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अजय राय ने यह भी कहा कि आस्था से जुड़े इतने संवेदनशील मामले में पारदर्शी जांच और जवाबदेही सबसे अधिक आवश्यक है। इस घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आने के बाद अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले अगले कदमों पर टिकी हुई है।

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