गुड़गांव में हुए राधिका हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है. यहां हरियाणा के रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी दीपक यादव ने अपनी ही बेटी राधिका यादव को गोलियों से छलनी कर दिया. वजह क्या थी? लोग क्या कह रहे थे? समाज के तानों ने एक पिता को हैवान बना दिया या माजरा कुछ और था?मृतक राधिका का नाम एक युवक भी जोड़ा जा रहा है, जोकि इन दिनों विदेश में रह रहा है। यही युवक राधिका के साथ फिल्माए गए गीत में भी दिख रहा है।
हालांकि, पुलिस अभी इस मामले में कुछ कहने से बच रही है।खेल के साथ अभिनय के क्षेत्र में भी राधिका प्रतिभाशाली थी। एल्बम के एक गीत ''कारवां यूं ही चलता रहा मेरा, दिन भी यूं ढलता रहा मेरा, फिर तुम्हारी याद आई हमको...'' में उसकी प्रतिभा खूब सराही गई। सोशल मीडिया पर इस गीत को हजारों लोगों ने पसंद किया। राधिका की मौत के बाद इस गीत के कई क्लिप और गानों की लाइन को काटकर रील वायरल की जा रही है।खेल के मैदान पर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने वाली टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव के जीवन का अंत इतना दर्दनाक होगा, शायद ही किसी ने सोचा होगा। खेल के बाद कला के क्षेत्र में भी नाम कमाने के लिए राधिका खूब मेहनत करती थी।
गीत कारवां में उसका अभिनय तारीफ-ए-काबिल था। यह कला क्षेत्र में राधिका की शुरूआत थी।कुछ महीने पहले राधिका के कंधे में चोट आई थी, जिसके चलते वह अभ्यास नहीं कर पा रही थी। बताया जा रहा है कि राधिका के पिता ने ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत टेनिस एकेडमी बनाया था। राधिका गानों के साथ ही रील बनाने की भी कोशिश करती थी। इसमें उसकी खेल से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां रहती थीं।