पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, "सत्ता में आने से पहले AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के लोगों से वादा किया था कि अगर पंजाब में बाढ़ की स्थिति पैदा होती है तो वे पंजाब सरकार में आने के बाद प्रति एकड़ 50,000 रुपये का मुआवजा देंगे. हमारे मौजूदा मुख्यमंत्री ने कहा कि वे तत्काल राहत के लिए किसानों को प्रति एकड़ 20,000 रुपये देंगे और फिर सर्वेक्षण के बाद 30,000 रुपये और भेजेंगे। हमारी मांग है कि 4 लाख एकड़ ज़मीन बर्बाद हो चुकी है जिसका 20,000 रुपये के हिसाब से 800 करोड़ रुपये की राशि बनती है, आप उसे तुरंत भेजिए.जब प्रधानमंत्री पंजाब में आए तो लोगों ने कहा कि उन्होंने जो नुकसान हुआ है उसकी केवल 1% ही राहत राशि दी लेकिन पीएम ने बताया कि हम(केंद्र सरकार) 12000 करोड़ रुपये हर साल भेजते हैं। सूबे की सरकार कहती रही है कि हमारे पास पैसा नहीं है लेकिन प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि हमारे(पंजाब के) पास 12000 करोड़ हैं. इस बारे में एक उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है, और यही हम मांग कर रहे हैं
पंजाब में एक तरफ बाढ़ के कारण हाहाकार मचा हुआ है. जिससे किसानों का भारी नुकसान हुआ है और अब पंजाब पकने के लिए तैयार धान की फसल पर भी आफत आ गई है. धान की फसलों पर चाइनीज वायरस ने हमला बोल दिया है और पटियाला के कई गांव इसकी चपेट में आ चुके है. यह वायरस भी ऐसे फैलता है, जिस तरह कोरोना फैलता था. यह वायरस फसल के अंदर से पौधे को बिल्कुल खोखला कर देता है. यह वायरस टिड्डी दल की पीठ के जरिए ट्रैवल करता है. इसके हमले से धान के पौधे बिल्कुल छोटे हो जाते हैं और सूख जाता है
बताया गया है कि इस वायरस का असली नाम साउदर्न राइस ब्लैक स्ट्रीक्ड डीवार्फ वायरस है. जिसे चाइनिस वायरस के नाम से भी जाना जा रहा है. ये वायरस कोरोना वायरस की तरह धान के खेतों में फैलता जा रहा है। एग्रीकल्चर डाक्टरों और वैज्ञानियों ने इस वायरस से बचने को अभी तक कोई दवा का सुझाव भी किसानों को नहीं दिया है. बाढ़ के बाद पंजाब की किसान इस समय इस घातक वायरस के कारण बडे आर्थिक नुकसान की और बढ़ रहै है. किसानों का कहना है कि वायरस उनके धान के पौधों को अंदर ही अंदर खोखला करता जा कहा है. यदि सरकार इस मामले को लेकर तुरंत हरकत में नहीं आई तो ये वायरस अन्य इलाकों को भी अपनी चपेट में ले सकता है.