फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीएम मोदी देंगे बिहार की 75 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपए

Fri, 26 Sep 2025 10:10 AM IST
आदर्श अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम

क्या कोई योजना सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या सच में महिलाओं की जिंदगी बदल पाएगी? यह सवाल हर नई सरकारी योजना के साथ जुड़ता है। लेकिन इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार सरकार मिलकर एक ऐसी योजना का आगाज करने जा रहे हैं, जिसका सीधा असर राज्य की लाखों महिलाओं के जीवन और आजीविका पर पड़ने वाला है।


शुक्रवार सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का शुभारंभ करेंगे। इस मौके पर राज्य की 75 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 10,000 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी। कुल 7,500 करोड़ रुपये की यह राशि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री न सिर्फ राशि हस्तांतरित करेंगे, बल्कि महिला लाभार्थियों से संवाद भी करेंगे। इस दौरान पूरे बिहार के 38 जिलों से जुड़ी महिलाएं इस योजना का हिस्सा बनेंगी।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़कर स्थायी आजीविका का रास्ता बनाना है।
    •    शुरुआती तौर पर महिलाओं को 10,000 रुपये का अनुदान मिलेगा।
    •    बाद के चरणों में यह सहायता 2 लाख रुपये तक बढ़ाई जा सकती है।
    •    योजना समुदाय-आधारित होगी, जिसमें स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगी।
    •    ग्रामीण इलाकों में हाट-बाजारों का विकास किया जाएगा, ताकि महिलाएं अपने उत्पाद सीधे बेच सकें।

योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं का जीविका स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ा होना अनिवार्य है। जीविका समूह से जुड़ने के बाद महिलाएं वित्तीय सहायता के लिए आवेदन कर सकती हैं।

यह व्यवस्था इसलिए रखी गई है ताकि महिलाओं को सिर्फ नकद राशि ही न मिले, बल्कि समूह के जरिये उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन और बाजार से जुड़ाव भी मिल सके।

कौन उठा सकता है लाभ?
    •    योजना का लाभ बिहार की स्थायी निवासी महिलाओं को मिलेगा।
    •    इसमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं।
    •    जो महिलाएं अभी जीविका समूह से नहीं जुड़ी हैं, वे पहले समूह से सदस्यता लें और फिर आवेदन करें।

सदस्य बनने की प्रक्रिया भी सरल रखी गई है आवेदन पत्र भरना और आधार कार्ड, बैंक विवरण, निवास प्रमाण जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे।


योजना का फायदा उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया गया है।
    •    ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं अपने ग्राम संगठन या जीविका समूह के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। समूह प्रतिनिधि फॉर्म भरने और दस्तावेज जमा करने में मदद करेगा।
    •    शहरी क्षेत्रों की महिलाएं जीविका की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसमें फॉर्म भरने के साथ आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।

जरूरी दस्तावेज
    1.    आधार कार्ड
    2.    बैंक पासबुक
    3.    पैन कार्ड
    4.    पासपोर्ट साइज फोटो
    5.    निवास प्रमाण पत्र

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह योजना बिहार की ग्रामीण और शहरी दोनों महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने वाली साबित होगी। छोटे-छोटे व्यवसाय, जैसे डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, कृषि आधारित कार्य और घरेलू उद्योगों में यह वित्तीय मदद महिलाओं को मजबूत आधार देगी।

साथ ही ग्रामीण हाट-बाजार और प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें न सिर्फ रोजगार दिलाएंगे, बल्कि बाजार की मांग के हिसाब से उत्पाद तैयार करने का हुनर भी देंगे।

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले इस योजना का शुभारंभ राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति बना रही हैं।

हालांकि, इससे अलग भी देखें तो यह योजना बिहार की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा कदम है। यदि यह सही तरीके से लागू हुई, तो आने वाले वर्षों में इसका असर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं की सामाजिक स्थिति दोनों पर दिखेगा।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना महज एक आर्थिक अनुदान योजना नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने, उन्हें स्वरोजगार और बाजार से जोड़ने की एक व्यापक पहल है। अब देखने वाली बात होगी कि जमीनी स्तर पर यह योजना कितनी पारदर्शी और प्रभावी साबित होती है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें